| मन्दिर को जा रहे हो जरा सावधान रहना मोबाइल को बचाना , जूतों को भी छुपाना रहे पर्स पर नज़र भी और घड़ी को भी बचाना चश्मा न टूट जाए कहीं भीड़ में कुचल कर बच्चा न छूट जाए कहीं गोद से फिसल कर ये पुजारी और भिखारी लूट न लें तुझको कहीं ऐसा न हो जाए तुम कोसने लगो खुदको इस भुक्तभोगी की बातों को ना भुलाना वरना मेरी तरह तुझे भी पड़ेगा पछताना |
Monday, June 8, 2009
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