Tuesday, January 6, 2015

नयी किरण

फिर से नयी किरण है आयी , उमीदों की नयी पहल ;
 और हमने भी अब जान लिया की सूरज किधर से आत्ता है;
अँधेरे से डर अब  कैसा, अन्तर्मन में हुआ उजाला ,
तब से हमने मन लिया कि सूरज इधर से आता है !

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